विचारों के बोझ
मन के विचारों को जब
अपनी कलम से लेखनबध करती हूं
मेरे मन में चल रही उथलपुथल को
थोड़ा सुकून का एहसास होता है।
मगर,
तुम्हारे जीवन के उन पलों में
एक अथाह शांति के बाद
भूचाल आ जाता है
क्युकी मेरे मन के विचार
तुमसे ही प्रेरित होते हैं ।
जरा सोचो,
जिन विचारों को पढ़ के तुम
इतने परेशान हुए जाते हो
हम उन विचारों के बोझ को
हर रोज खुद अपने कंधो पे ढोते हैं।
✍️ अंजली
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